आज की चिकित्सा पद्धति में नेचुरोपैथी को क्यों अपनाना चाहिए

आज के समय में नेचुरोपैथी को अपनाना बहुत ही आवश्यक हो गया है क्योंकि एलोपैथी की दवाओं को खा खा कर के व्यक्ति अनेक अन्य रोगों का शिकार होता जा रहा है और फिर भी उसकी बीमारी जड़ से समाप्त नहीं हो रही है।

Naturopathy

तो कहीं ना कहीं निश्चित रूप से नेचुरोपैथी की आवश्यकता है क्योंकि नेचुरोपैथी में किसी भी प्रकार की कोई हानि नहीं है।

जिस कारण से शरीर के अंदर बीमारी पनप रही है या जिन कारणों से बीमारी उत्पन्न हुई है नेचुरोपैथी उन बीमारियों के कारणों को ही समाप्त कर देता है। और संपूर्ण शरीर को स्वस्थ बनाकर पूर्ण आरोग्य प्रदान करता है।

नेचुरोपैथी रामबाण साबित हो रही

कुछ बीमारियां जो आज महामारी का रूप ले चुकी हैं उनके लिए नेचुरोपैथी रामबाण साबित हो रही है। जैसे डायबिटीज,मोटापा, ब्लड प्रेशर, त्वचा के रोग, थायराइड, जोड़ों में दर्द हड्डियों के रोग आदि इन सबके लिए नेचुरोपैथी में बहुत ही प्रभावी और सफल इलाज होता है। और उस इलाज में किसी भी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट की संभावना ही नहीं होती ।


यदि कोई आपको दवा भी न लेनी हो और आप पूर्ण स्वस्थ होने लग जाए तो कैसा हो। ऐसा एकमात्र नेचुरोपैथी में ही होता है । इसमें प्रकृति की सहायता लेकर व्यक्ति के जीवनी शक्ति को मजबूत किया जाता है।

शरीर में समस्त विजातीय द्रव्यों को शरीर से बाहर कर दिया जाता है अर्थात जब शरीर के अंदर रोग का कोई कारण ही नहीं रहेगा तो शरीर का स्वस्थ होना सुनिश्चित है। इसलिए आज के इस आधुनिक युग में नेचुरोपैथी की बहुत बड़ी आवश्यकता है।

जो लोग सालों से दवाई खा रहे हैं, लेकिन वह ठीक नहीं हो रहे हैं आखिर क्या कारण है दवा बेकार है या डॉक्टर।

ऐसा कौन सा कारण है जिसकी वजह से वह लोग ठीक नहीं हो रहे हैं ऐसे व्यक्तियों को नेचुरोपैथी का सहारा लेकर अपना धन और समय और स्वास्थ्य को बचाना चाहिए।

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