शरीर की इम्युनिटी को प्राकृतिक तरीकों से कैसे बढ़ाएं

जब रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाएगी तो रोगों का आक्रमण या संक्रमण आपके ऊपर नहीं हो पाएगा।

कुछ लोग छोटी-छोटी बीमारियों में अक्सर बीमार हो जाते हैं, जब भी मौसम में बदलाव होता है उस स्थिति में कुछ लोग बहुत जल्दी इनकी चपेट में आ जाते हैं। इम्यूनिटी जीवन जीने का आधार है।

आइए जानते हैं इम्यूनिटी किसे कहते हैं

इम्यूनिटी को हिंदी में रोग प्रतिरोधक क्षमता कहते हैं जैसा कि इसके नाम से ही प्रतीत होता है शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता। इसी को जीवनी शक्ति भी कहते हैं।

इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण

प्रतिदिन व्यायाम ना करना और दिनचर्या और आहार को सही न रखना ही इम्यूनिटी को कमजोर करने का प्रमुख कारण है। अधिकांश लोग, योग व्यायाम करने से कतराते हैं। एलोपैथिक दवाओं के लगातार सेवन से भी आपकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। जो लोग प्राकृतिक स्वास्थ्य नियमों का पालन नहीं करते उनकी इम्यूनिटी निश्चित रूप से कमजोर हो जाती है।

अपनी इम्यूनिटी को कैसे बढ़ाएं

Girls is doing exercise for improve immunity
Exercise for immunity

अपनी इम्युनिटी को बढ़ाने का सबसे प्रथम तरीका है प्रतिदिन का व्यायाम करना। यदि आपने प्रतिदिन 45 मिनट के व्यायाम को अपने जीवन में शामिल कर लिया है तो आप समझ लीजिए कि आप की इम्यूनिटी कभी कमजोर होने वाली नहीं है। स्वास्थ्य नियमों का पालन करते रहिए प्राकृतिक चिकित्सा का सहारा लीजिए।

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए अपने भोजन में आँवला, गाजर, मूली, पालक, चुकंदर, खीरा, टमाटर, फूलगोभी, पत्ता गोभी, संतरा, मौसमी, शकरकंद, पपीता, बादाम, दूध, दही, लोकी, तोरई, तिल, मौसम में आने वाले सभी फल एवं सब्जियां विशेष रूप से भोजन में शामिल करें। खाना खाने से पहले अधिक मात्रा में सलाद इम्यूनिटी बढ़ाता है।

इम्यूनिटी बढ़ाने में प्राकृतिक चिकित्सा क्यों बेहतर है।

Many type Fruit and vegetables for improve immunity
Immunity Booster

नेचुरोपैथी में जो मनुष्य, मल निष्कासक अंगों द्वारा शरीर के अंदर दूषित पदार्थों को शरीर से बाहर करता है, जैसे एनिमा लगाया जाता है जिससे शरीर की अधिकांश गंदगी बाहर हो जाती है। भाप स्नान कराया जाता है जिसके कारण त्वचा के सारे रोमछिद्र खुल जाते हैं। नेचुरोपैथी में शरीर शुद्धि पर विशेष ध्यान दिया जाता है इसलिए इस चिकित्सा से बढ़कर कोई चिकित्सा पद्धति नहीं है।

प्राकृतिक चिकित्सा में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आहार और लाइफ स्टायल को सुधारने पर बल दिया जाता है। जिसके कारण आपके शरीर के समस्त अंग सुचारू रूप से कार्य करने लगते हैं जिससे आपके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है और बाह्य वातावरण में जितने भी बैक्टीरिया या वायरस होते हैं वह आपके शरीर की रक्षा प्रणाली को तोड़ नहीं पाते हैं। इसलिए आप स्वस्थ बने रहते हैं।

नेचुरोपैथी में जितनी भी बातें कही जाती हैं उन सब का मुख्य सार यही होता है कि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाए, जब रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाएगी तो रोगों का आक्रमण या संक्रमण आपके ऊपर नहीं हो पाएगा। इसके अलावा योग और व्यायाम भी प्राकृतिक चिकित्सा के प्रमुख अंग है, जो व्यक्ति रोजाना योग और व्यायाम करता रहता है उसकी इम्यूनिटी हमेशा मजबूत बनी रहती है। इसलिए नेचुरोपैथी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए सबसे बेहतर चिकित्सा प्रणाली है।

हम कैसे जाने कि हमारी इम्यूनिटी कमजोर है

A man affect with cold, flu, fewer headach after season change
Flu, cold, fewer

जब भी मौसम बदलता है उस समय आप सर्दी, जुखाम, खांसी, फ्लू, वायरल की चपेट में आते हैं तो समझ लीजिए कि आपकी इम्युनिटी कमजोर है। यदि आप थोड़ी सी भी सर्दी या गर्मी सहन नहीं कर पाते हैं तो भी आप समझ लीजिए कि आपकी इम्यूनिटी कमजोर है। यदि आप थोड़ा सा पैदल चलने में ही थक जाते हैं तो आप समझ लीजिए आपकी इम्यूनिटी कमजोर है।

छोटे बच्चों में की इम्यूनिटी

छोटे बच्चों की इम्युनिटी को अगर सही रखना है तो इसकी आधारशिला गर्भावस्था के दौरान से ही रखनी होगी। जो महिलाएं गर्भवती हैं, उन्हें पूरी गर्भावस्था के दौरान अपने खानपान और उचित व्यायाम जो गर्भावस्था में किए जा सकते हैं अवश्य करने चाहिए, जिससे जो बच्चा पैदा होगा उसकी इम्यूनिटी शुरुआत से ही ठीक रहेगी।

किन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है

जो लोग मोटापे या डायबिटीज का शिकार होते जा रहे हैं।

फास्ट फूड, जंक फूड, पैक्ड फूड का सेवन कर रहे हैं

शराब, सिगरेट, एलोपैथिक दवाइयों का लगातार सेवन करने वाले

पेन किलर, एंटीबायोटिक आदि दवाओं का लंबे समय तक सेवन करने वाले

देर रात्रि तक जागने वाले, लंबे समय तक नींद न लेने वाले

देर रात्रि तक जागने वाले, लंबे समय तक नींद न लेने वाले

प्रदूषित वातावरण में रहने वाले लोग

चीनी मैदा और तले हुए पकवान आदि खाने वाले लोग

कम पानी पीने वाले लोग

सर्दी,जुखाम, खांसी में लापरवाही बरतने वाले लोग जब सर्दी खांसी जुखाम आदि हो जाए तो स्वास्थ्य नियमों का पालन करते हुए उन्हें शीघ्र अतिशीघ्र ठीक कर लेना चाहिए।

सूर्य की रोशनी से बचने वाले लोग

जिन लोगों का पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है या कब्ज आदि बनी रहती है।

जो लोग स्वच्छता का ध्यान नही रखते और खाना खाने से पहले हाथ नही धोते।

कभी भी इम्यूनिटी न तो 1 दिन में कमजोर होती है और ना ही एक दिन में मजबूत होती है यह धीरे-धीरे कम होती है और धीरे-धीरे ही मजबूत होती है। रोगों से लड़ने में मनुष्य शरीर खुद सक्षम होता है बस उस सक्षमता को बनाए रखने की आवश्यकता है। मनुष्य में इम्यूनिटी प्राकृतिक रूप से होती है इसलिए इसको प्राकृतिक तरीकों से ही मजबूत करना चाहिए।