मानव ही ऐसा है जिसको भोजन की पहचान करानी पड़ती है

हमारा भोजन कैसा होना चाहिए

एक मानव ही ऐसा है पृथ्वी के ऊपर जिसको भोजन की पहचान करानी पड़ती है बाकी 8400000 जीव जंतु अपना अपना निर्धारित भोजन लेते हैं और मानव सबका खा जाता है, किसी का भी नहीं छोड़ता। हमारे भोजन के अंदर पूर्णता होनी चाहिए, फल और सब्जियां जो छिलके सहित खाई जा सकती है छिलके सहित खानी चाहिए। भोजन का दूसरा गुण-भोजन के अंदर ताजगी होनी चाहिए

बेमौसम के फल और सब्जियां डस्टबिन में गिराने लायक हैं

जब फल और सब्जियां पौधों से जुदा होती है तब उसका संपर्क पानी से, वायु से, धूप से, धरती से टूट जाता है। उसके अंदर पोषक तत्वों की कमी होना शुरू हो जाती है। दो दिन की बासी सब्जी मंडी में आती है और दो दिन हम फ्रिज में रखकर उसको बासी कर लेते हैं। सस्ते से सस्ते फल और सब्जियां खरीदना समझदारी और महंगे से महंगे फल और सब्जियां खरीदना मूर्खता। महंगे फल और सब्जियां, विदेशी फल और सब्जी, कोल्ड स्टोर के फल और सब्जियां, बेमौसम के फल और सब्जियां खाने लायक नहीं है डस्टबिन में गिराने लायक हैं।

आप अपनी अमीरी अपने पेट को नहीं दिखा सकते, आप पैसे कमाइए मना नहीं, बढ़िया से बढ़िया कोठी बनाइए, बढ़िया से बढ़िया गाड़ी, रखिये मगर आपकी आंतों को आपके पैसे से कोई मतलब नहीं है। सस्ते फल और सब्जियां खाओ। हमारे भोजन में ताजगी होनी चाहिए और मात्रा में कम होना चाहिए। हमारे भोजन के अंदर क्षारता होनी चाहिए।

क्षारीय भोजन क्या होता है

क्या आप जानते हैं कि क्षारीय भोजन क्या होता है। हमें शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पता ही नहीं है कि भोजन कैसा करना चाहिए। इसीलिए हम अस्वस्थ हैं। पूरे ब्रह्मांड के अंदर 70% पानी हैं 30 परसेंट धरती है हमारा शरीर भी एक ब्रह्मांड है। शरीर रूपी ब्रह्मांड के अंदर 70 परसेंट पानी है 30 परसेंट हड्डी मास है।

जैसा गाड़ी का इंजन होगा वैसा गाड़ी का ईंधन होगा। डीजल के इंजन को डीजल चाहिए, पेट्रोल पेट्रोल के इंजन को पेट्रोल चाहिए, अब हम देख लेते हैं हमारे शरीर का इंजन कैसा है इस शरीर रूपी इंजन को चलाने के लिए कौन सा तेल चाहिए। जब हमारे शरीर के अंदर 70 परसेंट पानी है, हमारा भोजन ऐसा होना चाहिए जिसके अंदर सत्तर परसेंट पानी हो। ऐसा कौन सा भोजन है जिसके अंदर विटामिन हो और 70 परसेंट पानी हो। ये फल और सब्जियों के अंदर 70 पर्सेंट पानी है यही हमारा भोजन है। हमें अपने भोजन की की पहचान नहीं है, कैसे तंदुरुस्त रह सकते हैं कल्पना से बाहर है।

भगवान ने हमें आजादी दी और हमने इस आजादी को दुरुपयोग किया। यहां आकर हमने आजादी का गलत प्रयोग करके अपने भोजन को बदल दिया। जिसके परिणाम स्वरुप आज हर कोई बीमार नजर आता है। इसलिए हमें अपने भोजन को पहचानने की जरूरत है।

स्वस्थ रहने के लिए सबसे पहले अपने भोजन में बदलाव करने की जरूरत है

सुबह ताजे फलों का जूस पेठे का जूस, लौकी का जूस, पी कर दिन की शुरुआत कर सकते हैं। 10:00 बजे खीरा, टमाटर सलाद का सेवन करें। 12:00 बजे दाल रोटी सब्जी ले सकते हैं। फलों,सलाद का अधिक से अधिक सेवन करें। यही हमारा भोजन है।

हम क्या करते हैं सवेरे नाश्ता में पराठे, चाय, ब्रेड, बिस्कुट आदि ऐसे चीजों का प्रयोग करते हैं, जो कि नहीं करने चाहिए। इन सब कारणों की वजह से डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, मोटापा जैसी बीमारियां आज हर किसी को हो गई हैं। स्वस्थ रहने के लिए सबसे पहले अपने भोजन में बदलाव करने की जरूरत है।कुछ शारीरिक श्रम करने की जरूरत है। आप बहुत जल्द ही अपने आप को स्वस्थ महसूस करने लगोगे।