उपवास रखने का उद्देश्य एवं फायदा

शरीर में जमा जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने का एक बहुत ही मजबूत साधन उपवास है

उपवास शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक तीनों तरह से ही महत्वपूर्ण होता है उपवास को धर्म और आस्था से जोड़ दिया गया है स्वस्थ रहने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सप्ताह में एक बार उपवास करना चाहिए उपवास करने से शरीर में मौजूद जहरीले पदार्थ जिनके कारण व्यक्ति रोगी होता है बाहर निकल जाते हैं और शरीर निरोगी हो जाता है।

उपवास कई प्रकार से किया जा सकता है

कुछ लोग सुबह का नाश्ता उपवास में छोड़ देते हैं । कुछ लोग दोपहर का भोजन उपवास में छोड़ देते हैं। कुछ लोग उपवास में डिनर को छोड़ देते हैं। और कुछ लोग पूरे दिन फलाहार पर ही निर्भर रहते हैं।

कुछ लोग पानी पर ही पूरे दिन का उपवास करते हैं। कुछ लोग दूध पर उपवास करते हैं। कुछ लोग निर्जला उपवास भी करते हैं, इसमें न कुछ खाते हैं ना पानी पीते हैं और कुछ लोग साप्ताहिक उपवास करते हैं। कुछ लोग मासिक उपवास करते हैं।

उपवास रखने का उद्देश्य एवं फायदा

इससे पाचन संस्थान को पूरी तरह से आराम मिलता है जब किसी व्यक्ति को कोई रोग हो जाता है तो उसको भूख लगना अपने आप ही बंद हो जाती है।

लेकिन मनुष्य जैसा बुद्धिमान प्राणी भी प्रकृति के संकेत को समझ नहीं पाता है और रोगी होने पर भी कुछ न कुछ खाता ही रहता है इसके फलस्वरूप रोगी व्यक्ति और भी ज्यादा रोगी होता जाता है।

रोग होने के कारण शरीर में जमा जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने का एक बहुत ही मजबूत साधन उपवास है।

उपवास के दौरान भोजन के पाचन से बची शरीर की सारी जीवनी शक्ति रोग को दूर करने में लग जाती है। वजन कम होता हैं दमा और अस्थमा में भी फायदा होता है

पूर्ण उपवास में पानी के सिवा कुछ भी नहीं लेना चाहिए। जिस दिन उपवास किया जाए उस दिन शाम को और फिर उपवास के दौरान सवेरे 1 लीटर गर्म पानी का एनिमा अवश्य लेना चाहिए ।

उपवास के दौरान पालन करने योग्य नियम

उपवास रखने के दौरान किसी प्रकार का भोजन नहीं करना चाहिए उपवास के प्रारंभिक काल में प्रतिदिन लगभग 2 लीटर पानी में दो से तीन नींबू का रस डालकर पूरे दिन में कई बार पीना चाहिए। फल या सब्जी का भी जूस पी सकते हैं।

जिस व्यक्ति को शुरुआत में पूरे दिन का उपवास रखने में परेशानी आए वह पूरे दिन में एक समय फल खा सकता है। उपवास चाहे तो 1 दिन का भी कर सकते हैं या काफी दिनों तक भी कर सकते हैं हर व्यक्ति को पूरे हफ्ते में कम से कम 1 दिन का उपवास जरूर करना चाहिए।

उपवास को तोड़ते समय कभी भी ठोस आहार का सहारा नहीं लेना चाहिए। उपवास तोड़ने के लिए सबसे अच्छा आहार पके हुए संतरे मोसमी अंगूर का रस, फल सब्जी का रस होता है उपवास एक दिन का रखा जाता है तो उसे फलों को खाकर तोड़ा जा सकता है।

बहुत से लोग उपवास को भारी पकवानों से तोड़ते हैं जिससे उनके शरीर को लाभ के बजाय नुकसान होता है।

उपवास कब नहीं करना चाहिए।

गर्भकाल में गर्भवती स्त्री को पोषण की बहुत ज्यादा आवश्यकता होती है इसलिए इस समय स्त्री को उपवास नहीं करना चाहिए उन्हें हल्का और प्रोटीन वाला भोजन खाना चाहिए

डायबिटीज के रोगियों को समय समय पर भोजन नहीं मिलता तो उसके शरीर में चीनी की मात्रा कम हो जाती है। जिससे परेशानी हो सकती है अतः डायबिटीज रोगी को उपवास नहीं करना चाहिए

रिकेट्स या रतौंधी में लोगों को आंखों के रोग होते हैं जैसे कम दिखाई देना या रात को दिखाई न देना उन्हें उपवास नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसे रोगियों में शरीर में आयरन की कमी होती है
अधिक शारिरिक श्रम करने वालों को भी उपवास नही करना चाहिए।