स्वस्थ जीवन का आधार अंकुरित अन्न

स्वस्थ रहने के लिए अंकुरित आहार को अपने आहार में शामिल करें

अमृत आहार कहा गया है अंकुरित आहार को। अंकुरित आहार भोजन की सप्राण खाद्यों की श्रेणी में आता है। ये पोषक तत्वों के स्रोत होते है। क्योंकि अंकुरित आहार हमें उन्नत रोग प्रतिरोधी क्षमता वाला बनाता है और ऊर्जावान भी बनाता है। इसके अलावा यह शरीर का आंतरिक शुद्धिकरण करके रोगमुक्त कर देता है।

अनाज या दालों के वह बीज अंकुरित आहार होते हैं जिनमें अंकुर निकल आते हैं। इन बीजों के अंकुरण की प्रक्रिया में रोग मुक्ति एवं नवजीवन प्रदान करने के गुण प्राकृतिक रूप से होते हैं। अंकुरित आहार के रूप में प्रयोग किए जाने वाले बीज, मेथी, चना, गेहूं, सूर्यमुखी, मूंगफली आदि के बीजों को आवश्यकता उपयोग किया जा सकता है।

इन बीजों को अंकुरित करने का तरीका

सर्वप्रथम अंकुरित करने वाले बीजों को कई बार अच्छी तरह पानी में धो लेना चाहिए। फिर एक शीशे के जार में भरकर बीजों की सतह से लगभग 4 गुना पानी भरकर भीगने दें। अगले दिन प्रातकाल बीजों को जार से निकाल कर एक बार पुनः धोकर साफ सूती कपडे में बांधकर उपयुक्त स्थान पर रख दें।

गर्मियों में कपड़े के ऊपर दिन में कई बार ताजा पानी छिड़क दें ताकि उनमें नमी बनी रहे गर्मियों में सामान्यतः 24 घंटे में बीज अंकुरित होते हैं। सर्दियों में अंकुरित होने में कुछ अधिक समय लग सकता है। अंकुरित बीजों को खाने से पूर्व एक बार अच्छी तरह से धो लें तत्पश्चात में स्वाद के अनुसार हरा धनिया, हरी मिर्च, टमाटर, खीरा, ककड़ी काटकर मिला सकते हैं थोड़ा नमक भी डाल सकते हैं।

अंकुरित करने में कुछ ध्यान रखने योग्य बातें

बीजों में से मिट्टी कंकड़ या कुछ घुने हुए बीज निकाल कर साफ कर ले। प्रातः नाश्ते के रूप में अंकुरित अन्न का प्रयोग करें। प्रारंभ में कम मात्रा में लेकर धीरे-धीरे इनकी मात्रा बढ़ा सकते हैं। अंकुरित अन्न को खूब अच्छी तरह चबा चबाकर कर खाएं। नियमित रूप से इनका प्रयोग करें। वृद्धजन जो चबाने में असमर्थ हैं वह अंकुरित बीजों को पीसकर उनका पेस्ट बनाकर खा सकते हैं और उसको भी थोड़ा मुंह में कुछ देर तक चबाएं। जिस से लार अच्छी तरह से उनमें मिल जाए।

अंकुरित आहार का लाभ

शरीर को नवजीवन देने वाला अमृतमयी आहार है। अंकुरित अन्न विटामिन एवं खनिज पदार्थों को प्राप्त करने का एक उत्कृष्ट स्रोत है। अंकुरित आहार सप्राण होने के कारण शरीर आसानी से उनको आत्मसात कर लेता है। जिससे शरीर ऊर्जावान बनता है।

बीजों के अंकुरित होने के पश्चात उनमें पाया जाने वाला स्टार्च ग्लूकोज फ्रक्टोज एवं माल्टोज में बदल जाता है। इसके कारण न सिर्फ इनके स्वाद में वृद्धि होती है बल्कि इनके पाचक एवं पोषक गुणों में भी वृद्धि हो जाती है। डायबिटीज और मोटापा के रोगियों के लिए अंकुरित आहार काफी लाभदायक होता है। कोलेस्ट्रॉल को कम करके हृदय रोगियों के लिए भी बहुत लाभदायक है।

जिन लोगों में खून की कमी होती है उन लोगों को भी अंकुरित बाहर का उपयोग करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को अंकुरित आहार का प्रयोग करना चाहिए जिससे कि उनको अधिक मात्रा में प्रोटीन और फाइबर मिल सके।

यदि संक्षेप में कहें तो अंकुरित अनेक के लाभ बहुत है इसलिये इन्हें अपने आहार में शामिल कर लेना चाहिए