जानिए एसिडिटी क्या है इससे बचाव के उपाय

पेट में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल होता है यही वह अम्ल होता है जो हम भोजन करते हैं उसको छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ता है जितने भी खराब बैक्टीरिया हमारे भोजन के साथ चले जाते हैं उनसे हमें बचाता है।

पेट की अंदरूनी सतह बहुत अधिक मजबूत होती है जो ऐसे हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को पेट में रखती है। एसिडिटी से पेट में जलन खट्टी डकार आती हैं जो सीने तक में जलन सी पैदा कर देती हैं हर किसी को कभी न कभी एसिडिटी की समस्या हो जाती है लेकिन कुछ लोगों को यह अक्सर बनी रहती है।

एसिडिटी का मुख्य कारण

एसिडिटी का मुख्य कारण गलत खानपान ही है। यह समस्या पूर्ण रूप से गलत खानपान के कारण ही होती है। अधिक तले हुए खाना खाने से जैसे पूड़ी, पराठे, पकवान, पैक्ड फूड आदि के कारण से एसिडिटी हो जाती है। क्योंकि इस प्रकार के भोजन या खाद्य पदार्थ देर से पचते हैं और पेट में ही पड़े रहते हैं जिससे पेट में अधिक अम्ल बनने लगता है और पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है ।

वह एक दम से नीचे आंतो में तो जा नही पाता है तो भोजन नली में आ जाता है जिसके कारण खट्टी डकार आने लगती हैं और यह छाती गले तक आ जाती है। मोटापे के कारण भी एसिडिटी बढ़ती है। कुछ लोग अधिक शराब और धूम्रपान का सेवन करते हैं जिससे भी एसिडिटी बढ़ती है।

अधिक नमक के सेवन से एसिडिटी बढ़ती है। एलोपैथिक दवाओं की वजह से भी एसिडिटी बढ़ जाती है। चाय कॉफी की अधिक सेवन से भी एसिडिटी बढ़ जाती है। कई बार क्या होता है कि देर रात को खाना खाया और तुरंत सो गए तो भी एसिडिटी बन जाती है। खाने और सोने में तो कम से कम 3 घंटे का अंतर होना चाहिए।

हमें एसिडिटी न हो इसके लिए क्या करना चाहिए

सबसे पहले हमें अपने आहार में परिवर्तन करना होगा जैसे खाना खाने से पहले हमको सब्जियों खीरा ककड़ी गाजर मूली टमाटर आधी आज जो भी सलाद उपलब्ध हो उनको खाना चाहिए उसके बाद भोजन करना चाहिए।

दूसरे नंबर पर जिस नियम का पालन करना है वह यह है कि रात्रि को सोने से 3 घंटे पहले खाना खा लेना चाहिए और डिनर में भी खाना खाने से पहले सलाद खूब खाना चाहिए

तीसरे नंबर पर इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि हम को दिन में व्यायाम अवश्य करना चाहिए शाम को खाना खाने के बाद 10:20 मिनट अवश्य टहलना चाहिए।

खाना खाने के 1 घंटे पहले और 1 घंटे बाद में पानी पीना चाहिए और दिन में भी पानी कम नहीं पीना चाहिए।

एसिडिटी से बचने के लिए जो सबसे मुख्य बात है वह यह है कि पूड़ी पकवान समोसा, कचोडी, तले हुए पदार्थ, अचार, पैक्ड फूड, कोल्डड्रिंक, ज्यादा मिर्च मसाले वाला भोजन नहीं करना चाहिए।

नारियल पानी, हरी पत्तेदार सब्जियां, खीरा, ककड़ी, टमाटर, गाजर, मूली, आंवला, सोंफ, दूध, तुलसी, इलायची, केला, सेब का खूब सेवन करना चाहिए।

यदि फिर भी आपका कोई प्रश्न है तो आप कमेंट बॉक्स में मुझसे पूछ सकते हैं।