क्या आपका शरीर अक्सर ठीक नही रहता है

जो मनुष्य का भोजन है उस भोजन को मनुष्य के पेट में डाला जाए तो मनुष्य का शरीर सही चलेगा

यदि पेट्रोल की गाड़ी है और उसमें हम डीजल डाल देते हैं तो क्या गाड़ी सही चलेगी? उत्तर बिल्कुल साफ है कि गाड़ी सही नहीं चलेगी । इसी प्रकार जो मनुष्य का भोजन है उस भोजन को मनुष्य के पेट में डाला जाए तो मनुष्य का शरीर सही चलेगा । जब आप रोजाना पूड़ी पकवान, चाट, टिकिया भल्ले, समोसा, कचोड़ी बाजार की बनी मिठाइयां, पैक्ड फ़ूड, अक्सर खाते है तो आपने देखा होगा कि आपको एसीडिटी, शरीर भारी भारी सा , और अन्य कई प्रकार से शरीर परेशानी महसूस करता है। इसका सीधा सा मतलब है कि आपकी गाड़ी ( शरीर ) में ईंधन सही नही गया।

हमारा शरीर भगवान ने प्राकृतिक भोजन से चलने वाला बनाया है हमारे शरीर के निर्माता कोई आधुनिक डॉक्टर नहीं है हमारे शरीर के निर्माता परमपिता परमेश्वर हैं जिसने इस शरीर को बनाया है उसने उस शरीर के लिए भोजन भी बनाया है जैसा उसने बनाया है और उसी अवस्था में हम भोजन को डालते हैं तो हमारा शरीर सही चलने लग जाता है।

फिर भी हमारा शरीर बहुत दिनों तक गलत खानपान को झेल लेता है जब शरीर गलत खानपान को झेलने में असमर्थ हो जाता है तो रोगी हो जाता है। अधिकांश रोग काफी दिनों तक किये गए गलत खानपान और रहन सहन की वजह से ही होते हैं।

यदि शरीर में गलत भोजन डालते हैं तो आप कितने भी हॉस्पिटल बदलो कितने भी डॉक्टर बदलो ठीक नहीं हो पाते हैं।इसलिए ज्यादातर रोगों की जननी हमारा खान-पान और रहन सहन ही है यदि हमने खानपान और रहन-सहन को सुधार लिया तो सारी बीमारियों से 100% मुक्ति मिल जाएगी।